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महाराज धृतराष्ट्र अन्धे क्यों थे ! धृतराष्ट्र के अंधे होने के पीछे एक हंस का भयानक श्राप

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महाराज धृतराष्ट्र अन्धे क्यों थे  दोस्तों महाभारत एक ऐसी कथा है आप जितना इसे पड़ोगे आपको उतना ही अधिक इसके एक के बाद एक रहस्यों को जानने की जिज्ञासा होगी। दोस्तों आज हम आपको अपने इस लेख में बतायेंगे कि महाभारत के धृतराष्ट्र अंधे क्यों थे। क्या धृतराष्ट्र जन्म से ही अंधे थे या फिर जन्म के बाद अंधे हुए थे। Friends, Mahabharata is such a story, the more you read it, the more you will be curious to know its secrets one after the other. Friends, today we will tell you in this article why Dhritarashtra of Mahabharata was blind. Was Dhritarashtra blind since birth or was he blind after birth.  दोस्तों महाभारत की कथा के अनुसार धृतराष्ट्र अपने पिछले जन्म में भी एक राजा हुआ करते थे। लेकिन अपने पिछले जन्म में ये वहुत ही दुष्ट और पापी राजा थे। महज अपनी प्रशन्नता के लिए धृतराष्ट्र किसी के साथ कुछ भी न करने योग्य कार्य कर देते थे।धृतराष्ट्र अपने सामने  किसी की भी भावनाओं की कोई कीमत नहीं समझते थे। उन्हें सिर्फ अपने मनोरंजन से ही मतलब था।  ...

"कलयुग का आगमन" एक पौराणिक रोचक कथा

पृथ्वी पर कलयुग का आगमन कैसे हुआ  दोस्तों महाभारत युध्द जीतने के बाद पांडवों ने सारा राज्य परीक्षत को सौंप दिया। राजा परीक्षत वहुत ही धार्मिक और दयालु थे। बो राजधर्म को वहुत ही अच्छी तरह से निभा रहे थे। एक बार राजा परीक्षत शिकार के लिए जंगल में चले जाते है। वहां पर उनकी मुलाक़ात कलयुग से होती है। कलयुग राजा परीक्षत से कहता है। "हे राजन" अब पृथ्वी पर मेरे आने का समय निकट आ चुका है आप मुझे आज्ञा दे। Friends, after winning the Mahabharata war, the Pandavas handed over the entire kingdom to the examination. King Parikshat was very religious and kind. He was playing Bo Rajdharma very well. Once the king goes into the forest for hunting. He meets Kalyug there. Kalyuga tells King Parikshat. "Hey Rajan" Now the time for my arrival on earth has come, you command me. राजा परीक्षत यह सुनकर क्रोध में आकर कलयुग से बोलते है ,"हे कलयुग" सुन जब तक इस पृथ्वी पर पांडवों के वंश से जन्मा में राजा परीक्षत जीवित हूँ, तब तक तुम तो क्या तुम्हारी परछाई भी पृथ्वी का स्...